गरीबी, भ्रष्‍टाचार और जातिवाद भारत छोड़ो-मन की बात में पीएम मोदी बोले

नई दिल्‍ली, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 34वीं बार आकाशवाणी से ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों से अपने विचार साझा कर रहे हैं। मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार मनुष्य का मन ही ऐसा है कि वर्षाकाल मन के लिये बड़ा लुभावना काल होता है। लेकिन कभी-कभी वर्षा विकराल रूप लेती है। कुछ दिनों से भारत के कुछ हिस्सों में विशेषकर असम,नार्थ-ईस्ट, गुजरात, राजस्थान, बंगाल,अति-वर्षा के कारण प्राकृतिक आपदा झेलनी पड़ी हैबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पूरी मॉनिटरिंग हो रही है। व्यापक स्तर पर राहत कार्य किए जा रहे हैं। आपदा के समय भारतीय सेना के जवान हों, एनडीआरएफ के लोग हों, हर कोई पीड़ितों की सेवा करने में जी-जान से जुड़ जाते हैं

उन्‍होंने आगे कहा, इन दिनों तो हमने इंश्‍योरेंस कंपनियों को और विशेष करके क्रॉप इंश्‍योरेंस कंपनियों को भी प्रोएक्टिव होने के लिए योजना बनाई, ताकि किसानों को क्‍लेम सेटलमेंट तुरंत हो सकें और बाढ़ की परिस्थितियों को निपटने के लिए 24 घंटे और सातों दिन काम चल रहा है।

उन्‍होंने कहा कि इस बार जीएसटी को लेकर के इतनी चिट्ठियां आई हैं, इतने सारे फोन कॉल आए हैं। एक फोन कॉल मैं आपको भी सुनाता हूं। जीएसटी के लागू हुए क़रीब एक महीना हुआ है और उसके फ़ायदे दिखने लगे हैं। जीएसटी ने हमारी अर्थव्यवस्था पर एक बहुत ही सकारात्मक प्रभाव और बहुत ही कम समय में उत्पन्न किया है। विश्व ज़रूर इस पर अध्ययन करेगा। GSTApp पर आप भलीभांति जान सकते हैं कि जीएसटी के पहले जिस चीज़ का जितना दाम था, तो नई परिस्थिति में कितना दाम होगा। GST सिर्फ टैक्स रिफॉर्म नहीं है, एक नयी ईमानदारी की संस्कृति को बल प्रदान करने वाली अर्थव्यवस्था है।

पीएम ने कहा, ‘मेरे प्यारे देशवासियो, अगस्त महीना क्रांति का महीना होता है। हमारी नयी पीढ़ी को जानना चाहिए कि 9 अगस्त, 1942 को क्या हुआ था। 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ, अगस्त महीने में देश आजाद हुआ। इस साल हमें भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। इस आंदोलन में महात्मा गांधी के आह्वान पर लाखों भारतवासी जीवन को संघर्ष में झोंक रहे थे। महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया लेकिन कई बड़े नेता जेल में थे। असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में महात्मा गांधी के दो अलग-अलग रूप देखने को मिलते हैं। 1857 से शुरू हुआ स्वतंत्रता संग्राम 1942 तक किसी न किसी रूप में चलता रहा।

2017 से 2022 संकल्प सिद्धि के वर्ष हैं। 2017 को संकल्प वर्ष के रूप में मनाएं तो 2022 तक सफलता दिखेगी। पांच साल में निर्णायक परिणाम दिख सकते हैं। हमें संकल्प करना है, गंदगी- भारत छोड़ो, ग़रीबी- भारत छोड़ो, आतंकवाद- भारत छोड़ो, जातिवाद- भारत छोड़ो, सम्प्रदायवाद- भारत छोड़ो। मैं युवा साथियों को, युवा मित्रों को, आमंत्रित करता हूँ कि नए भारत के निर्माण में वे नए तरीक़े से योगदान के लिए आगे आएं।

उन्‍होंने कहा कि 15 अगस्त, देश के प्रधान सेवक के रूप में मुझे लाल क़िले से देश के साथ संवाद करने का अवसर मिलता है। पिछले तीन साल से लगातार 15 अगस्त के लिए देश के हर कोने से सुझाव मिलते हैं। मुझे सुझाव दिया गया है कि मैं 15 अगस्‍त का अपना भाषण छोटा करूं, जो काफी लंबा हो जाता है। इस बार मैंने सोचा है कि मैं लाल किले का भाषण छोटा करूं।

पर्व-त्‍योहारों के बारे में बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि त्योहार से रिश्तों में मिठास आती है, व्यक्ति से समाज को जोड़ते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था में एक सामाजिक अर्थशास्त्र है, हमारे हर त्योहार, ग़रीब-से-ग़रीब की आर्थिक जिंदगी के साथ सीधा सम्बन्ध रखते हैं। राखी के साथ लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा होता है। त्योहार का संबंध हमारी अर्थव्यवस्था से है।राखी बनाने वाले, बेचने वाले, मिठाई वाले- हज़ारों-सैकड़ों का व्यवसाय एक त्योहार के साथ जुड़ता है। दीपावली के दीपों का सीधा-सीधा सम्बन्ध छोटे-छोटे मिट्टी के दीये बनाने वाले ग़रीब परिवारों से है। सार्वजनिक गणेश उत्सव का एक महत्व है। यह वर्ष सार्वजनिक गणेशोत्सव का 125वां वर्ष है, इसे लोकमान्य तिलक जी ने शुरू किया था।

साथ ही उन्‍होंने कहा, ‘मुझे इसी सप्ताह उन सभी खिलाड़ी बेटियों से मिलने का मौक़ा मिला। उनसे बातें करके मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने इन बेटियों को कहा कि आप मन में से निकाल दीजिए कि आप सफल नहीं हुए हैं। मैच जीते या न जीते, आप ने सवा-सौ करोड़ देशवासियों को जीता है। मेरे प्यारे देशवासियो, फिर एक बार स्मरण कराता हूँ अगस्त क्रान्ति को, फिर एक बार स्मरण करा रहा हूँ 9 अगस्त को।’

‘मन की बात’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री कार्यालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा डीडी न्‍यूज के यू-ट्यूब चैनलों पर भी यह प्रसारित होता है। हिंदी प्रसारण के तुरंत बाद क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसका प्रसारण आकाशवाणी से किया जाता है। रात आठ बजे इस कार्यक्रम को क्षेत्रीय भाषाओं में दोबारा सुना जा सकता है। मन की बात का यह 34वां संस्करण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो पर ब्रॉडकास्ट होने वाले इस प्रोग्राम की शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 को हुई थी। ये अब तक 33 बार ब्रॉडकास्ट किया जा चुका है। वहीं, इस प्रोग्राम से अब तक ऑल इंडिया रेडियो यानी एआइआर को दो साल में करीब 10 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। trial news

Vedio: बाराबंकी-शिक्षा मित्र न घर के,न घाट के 10 साल की बच्ची से 42 साल व्यक्ति ने किया रेप-लखीमपुर-छत्तीसगढ़

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पट्रोलियम कंपनियां ही कर रही है बड़ा खेल,पम्प मालिकों से पूरा पैसा लेकर दे रही है कम तेल,ट्रक अनलोडिंग में कम ही निकलेगी,बून्द-बून्द पेट्रोल और डीजल निकालने के लिए कंपनी द्वारा भेजे ट्रक को ढलान पर खड़ा कर हिलाया डुलाया जाता

DK Goswami : (09838335792)आज एक ऐसा खुलासा होने जा रहा है जो देश सभी पम्प मालिक जहर के घूँट की तरह पी रहे थे लेकिन बेचारे चाह कुछ बोल नहीं पा रहे है | अक्सर जब पम्प पर ट्रक भरकर आती है तो उसमें तेल कई लीटर कम हो जाता है | यहाँ पम्प टैंक की मशीनों में रिफलिंग के दौरान पम्प मालिक बार-बार मिलान करते है लेकिन हताश होकर वो चुप रहने में ही भलाई समझते है |

अगर यकीन नहीं होता तो खुद जाकर किसी भी पम्प का निरिक्षण किया जा सकता है तो पता चलेगा कि जब ट्रक अनलोडिंग में कम ही निकलेगी | बून्द-बून्द पेट्रोल और डीजल निकालने के लिए कंपनी द्वारा भेजे ट्रक को ढलान पर खड़ा कर हिलाया डुलाया जाता है कि कही एक भी लीटर छूटने न पाए|

स्पेशल ड्राइव के बाद भी पेट्रोल पम्पो पर घटतौली की शिकायतें लगातार आ रही है जो साबित करती है कि घटतौली का खेल अभी भी जारी है । और जांच के नाम पर सिर्फ जनता के साथ छलावा किया गया है ।

जांच के नाम पर हुआ बड़े पैमाने पर खेल ।

बीते दिनों एसटीएफ के हत्थे चढ़े चिप घोटाले के मास्टरमाइंड अजय चौरसिया ने पूछताछ के दौरान प्रदेश के 80 प्रतिशत पम्पो पर चिप लगाए जाने की बात कबूल करी । अजय ने ये भी स्वीकार किया कि वो अकेला नही बल्कि उसके जैसे कई अन्य लोग भी इस तरह की चिप लगाने का काम कर रहे । अजय के इस कबूलनामे के बाद ये साफ़ हो गया की प्रदेश के लगभग सभी पम्पो पर घटतौली का खेल खेला जा रहा है लेकिन उसके बाद पेट्रोल पम्पो की जांच करने को चली स्पेशल ड्राइव से एसटीएफ को किनारे कर पेट्रोलियम कंपनी और कांटा बाँट के उन्ही अधिकारियो को जाँच का ज़िम्मा दिया गया जिनके संरक्षण में ही घटतौली का ये सारा खेल खेला जा रहा था ! स्पेशल ड्राइव में नाम मात्र पम्पो को ही कार्यवाही की जद में लिया ! स्पेशल ड्राइव के दौरान भी इन बेईमान अधिकारियो ने अपनी सेटिंग वाले पम्प डीलरों से लाखों रूपये वसूल कर उन्हें जांच में कलीन चिट थमा दी जिसके चलते अभी भी आम उपभोक्ताओं को सही मात्रा में तेल नही मिल रहा और उनके साथ लूट का सिलसिला जारी है ।

टेम्प्रेचर वैरिएशन से पम्प को घाटा लेकिन कम्पनी के अधिकारियो की लाखो की कमायी ।

कंपनी अधिकारियों के संरक्षण में ही तेल के टैंकरों में बड़े पैमाने पर घपलेबाजी की जाती है । कम्पनी डिपो से निकलने वाले हर टैंकर में 150 से 250 लीटर तेल का फर्क टेम्प्रेचर वैरिएशन का आता है । कम्पनी के अधिकारी ये तो स्वीकार करते है कि डिपो में तेल का भण्डारण करने वाले टैंक खुले में लगे है जिसमे भरा तेल धूप की गर्मी से बेहद गरम हो जाता है और फिर यही गरम तेल जब पेट्रोल पंप पर ज़मीन के अंदर लगे टैंक में जाता है तो वहां का तापमान कम होने के चलते 150 से लेकर 250 लीटर तक तेल कम हो जाता है । लेकिन इसके बावजूद तापमान के अंतर से कम होने वाले तेल की भरपायी नही करते क्योंकि टेम्प्रेचर वैरिएशन के इस खेल से रोजाना डिपो में हज़ारो लीटर तेल बचाया जाता है और उसे सेटिंग वाले पम्पो को बेच कर रोजाना पचासों लाख की कमायी होती है ।

बेईमान अधिकारियों से तेल माफिया की है साठगांठ

डिपो के आस पास ही सैकड़ो की तादाद में तेल चोरी की अड्डिया धड़ल्ले से चल रही है । अधिकारी इन अड्डियो के संचालित होने की बात भी स्वीकार करते है लेकिन तेल माफियाओं से साठगांठ होने के चलते इन अवैध अड्डियो के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही नही करवाते । जिसके चलते डिपो से बाहर आने के बाद टैंकर ड्राइवर सीधा पम्प न जाकर पहले इन अड्डियो पर जाता है और वहां प्रति चैम्बर एक डिब्बा (एक डिब्बे में 25 लीटर तेल ) यानि 100 लीटर तेल बेचने के बाद ही पम्प की रुख करता है । इस बात की जानकारी होते हुए भी कम्पनी के अधिकारी एक्शन इस लिए नही लेते क्योंकि टैंकर ड्राइवर की चोरी में कम्पनी अधिकारियों द्वारा टेम्प्रेचर वैरिएशन की आड़ में करी गयी घपलेबाजी छिप जाती है और तेल चोरी की सारी आयी गयी टैंकर ड्राइवर के सर थोप दी जाती है ।

मोबिल के नाम पर हर साल लाखों का घाटा

पेट्रोल पम्प से मोबिल की रिटेल बिक्री शून्य होने के बावजूद कम्पनी के बेईमान अधिकारियो द्वारा पम्प डीलर को हर साल ज़बरदस्ती हज़ारो लीटर मोबिल आयल खरीदवाया जाता है । और मोबिल न खरीदने पर कम्पनी पेट्रोल डीजल की सप्लाई रोक देती है । ऐसे में पम्प डीलर मजबूर होकर मोबिल खरीदता है और 40 प्रतिशत घाटे के साथ मोबिल विक्रेताओं को बेचता है । ऐसे में हर साल पम्प डीलर को लाखो का घाटा होता है ।

स्पेशल ड्राइव में निशाने पर रहे कम्पनी की नाज़ायज़ बात न मानने वाले डीलर

स्पेशल ड्राइव की आड़ में कम्पनी के बेईमान अधिकारियों ने ऐसे पम्प डीलरों को ही निशाना बनाया जो या तो मोबिल नही खरीद रहे थे या कंपनी से आने वाले टैंकरों में कम तेल आने के खिलाफ लगातार आवाज़ उठा रहे थे । और स्पेशल ड्राइव में उन तमाम पम्प डीलरों को कलीन चिट दे दी गयी जहा घटतौली की शिकायतें आम बात है और रोज़ ही ग्राहकों द्वारा कम तेल मिलने की शिकायते सामने आया करती थी । लेकिन ऐसे पम्प डीलरों को इस लिए कलीन चिट दी गयी क्योंकि वो न तो कंपनी से मिलने वाले कम तेल का विरोध करते है और न ही ज़बरदस्ती दिए जाने वाले मोबिल का । अलबत्ता प्रति लीटर तेल में 10 प्रतिशत घटतौली कर न सिर्फ इस घाटे को पूरा करते है बल्कि खूब कमायी भी करते है ।

स्थानीय स्तर पर भी चढ़ाना पड़ता है चढ़ावा

पम्प डीलर को ज़िला स्तर पर भी कई विभागों के भ्रष्टाचार का शिकार होना पड़ता है । जिसमे अग्निशमन , पुलिस , कांटा बाँट , पूर्ति विभाग आदि शामिल है जिनमे कुछ तो समय समय पर पम्प डीलर का दोहन करते है और कुछ बाकायदा मंथली बेसिस पर वसूली का दबाव बनाते है ।

मौजूदा हालात में पम्प डीलर के लिए असंभव है पूरा तेल देना

सवाल ये है जब मोबिल के नाम पर पेट्रोल पम्प डीलरों को हर साल लाखो रूपये का घाटा कराया जा रहा है और पेट्रोल पम्प डीलरों को कम्पनी के डिपो से ही प्रति टैंकर 150 लीटर से 250 लीटर तक कम तेल मिल रहा है और ऊपर से टैंकर चालक भी 50 से 100 लीटर तेल चोरी कर रहा है तो ऐसे में हर टैंकर पर करीब 300 से 350 लीटर तेल कम मिलने के बाद कोई भी पम्प डीलर अपने ग्राहकों को पूरा तेल कैसे दे सकता है ?

अगर मोदी और योगी सरकार सही मायनो में आम जनता के साथ होने वाली इस लूट को रोकने के लिए गंभीर है तो उन्हें पेट्रोल पम्प डीलरों पर सख्ती से पहले उन्हें 100 प्रतिशत तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ है अरबो खरबो का घोटाला करने वाले पेट्रोलियम कम्पनी के बेईमान अधिकारियो पर भी कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी !

बेकार हुए शिक्षा मित्र मचा बवाल-अगर टीईटी एग्जाम पास कर रखा है फिर भी राहत नहीं

DK goswami-लखनऊ.अगर आपने शिक्षा मित्र के साथ TET पास की है तब भी आपको राहत नहीं मिलेगी दर असल ऐसा इसलिए क्योंकि ये नियम सबसे के लिए लागू होगा | जिन्होंने टीईटी एग्जाम पास कर रखा है,उनपर भी नियम के लागू होगा |

यूपी में असिस्टेंट टीचर के पद पर शिक्षामित्रों के समायोजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट के फैसले में कहा गया कि 1 लाख 72 हजार शिक्षामित्रों में से समायोजित हुए 1 लाख 38 हजार शिक्षामित्रों की असिस्टेंट टीचर के पद पर हुई नियुक्ति अवैध है। वहीं,सभी 1 लाख 72 हजार शिक्षामित्रों को दो साल के अंदर टीईटी एग्जाम पास करना होगा।

इसके लिए उन्हें दो साल में दो मौके मिलेंगे। बता दें, 1 लाख 72 हजार शिक्षामित्रों में से 22 हजार शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिन्होंने टीईटी एग्जाम पास कर रखा है। ऐसे में यह फैसला उनके ऊपर भी लागू होगा। साथ ही इन दो सालों में टीईटी एग्जाम पास करने के लिए उम्र के नियमों में भी छूट दी जाएगी। जस्ट‍िस एके गोयल और ज‍स्ट‍िस यू.यू ललित की बेंच ने आदेश सुनाते हुए ये भी कहा कि अनुभव के आधार पर शिक्षामित्रों को वेटेज का भी लाभ मिलेगा।

1 लाख 72 हजार शिक्षामित्र में से 1 लाख 38 हजार शिक्षामित्र जोकि असिस्टेंट टीचर के पद पर हैं, उन्हें असिस्टेंट टीचर के पद से हटा दिया गया है। ऐसे में ये दोबारा शिक्षामित्र बनेंगे या नहीं, यह फैसला कोर्ट ने सरकार पर छोड़ा है। जबकि 34 हजार शिक्षामित्र जिनका समायोजन नहीं हुआ था वह अपने पद पर बने रहेंगे।

1 लाख 72 हजार में से लगभग 22 हजार असिस्टेंट टीचर टीईटी पास हैं, जिन्होंने समायोजन के बाद यह एग्जाम क्लियर किया है। इनके ऊपर भी यही फैसला लागू होगा। हालांकि, अब टीईटी की परीक्षा के बाद नियुक्ति में इन्हें वेटेज दिया जाएगा।
अगर कैंडिडेट 2 साल में टीईटी नहीं पास कर पाए तो उनका समायोजन नहीं हो पाएगा। इन शिक्षामित्रों को टीईटी प्रवेश परीक्षा के लिए उम्र सीमा में छूट दी गई है।
सरकार अपने स्तर से पॉलिसी बनाएगी।

मान लीजिए, टीईटी आपने पास कर लिया, लेकिन नियुक्ति के समय में आपको वेटेज मिलेगा। जैसे अगर आपने 10 साल शिक्षामित्र के पद पर काम किया है तो आपको 2 नंबर मिलेंगे। इससे ज्यादा किया तो 5 नंबर मिलेंगे। इस तरह का वेटेज दिया जा सकता है। साथ ही अगर 1 लाख 72 हजार वाले शिक्षामित्र को 10 नंबर मिले और नए लड़के को 10 नंबर मिले तो भी सरकार चाहे तो फायदा दे सकती है, लेकिन आपको 9 नंबर मिले और नए कैंडिडेट को 10 मिले तो आपको फायदा नहीं मिलेगा। वेटेज की पॉलिसी आगे सरकार बनाएगी। अब ये शिक्षामित्र की पोजि‍शन पर आ गए हैं, लेकिन यह शिक्षामित्र रहेंगे या नहीं, इसका फैसला यूपी सरकार करेगी।टीईटी पास लगभग 22 हजार असिस्टेंट टीचर हैं। इन लोगों पर भी यही फैसला लागू होगा।

बाराबंकी प्राइमरी स्कूल के दरवाजो में बंधे थे दर्जनों कंडोम्स,उसके बाद जो हुआ लोग रह गए हैरान


बाराबंकी : सफेदाबाद के प्राथमिक विद्यालय में अफरा तफरी मच गयी | जब विद्यालय परिसर में कंडोम मिले इस घटना के बाद शिक्षण कार्य नहीं हो सका वही इस घटना की शिकायत प्रधानाचार्य आराधना चौधरी ने पुलिस से की है |

शिकायत में कहा गया है कि यहाँ जुवा अनैतिक कार्य जैसी वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है | सोमवार को स्कूल खुलने के बाद कमरे के ताले में कण्डोम बंधे हुए मिले | इसके बाद गांव वालों का जमावड़ा लग गया,लोग बताते है की तीन दिन पहले भी यहाँ इसी तरह की हरकत की गयी थी लेकिन विद्यालय स्टाफ ने उसको टाल दिया था |

योगी राज में-थानाध्यक्ष ने नाबालिग से किया दुराचार ! हत्या में गवाही के लिए लड़की को अपने साथ ले गया था

Kanpur : वो गिड़गिड़ाती रही पर उसकी सुनने वाला कोई नहीं था घर में अकेली पाकर जनता के रक्षक कहे जाने वाले वहसी दरिंदें ने एक नाबालिग लड़की के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं l घटना कानपुर देहात के रसूलाबाद की हैं जहां एक पुलिस इंस्पेक्टर ने पुलिस विभाग को शर्मसार कर दिया |

यहाँ तैनात इंस्पेक्टर भूपेंद्र राठी ने एक नाबालिग लड़की को गांव से बाहर पुलिस स्टेशन ले जाकर उसके साथ रेप किया l थानेदार गांव के एक युवक की हत्या के मामले में गवाही के लिए लड़की को अपने साथ ले गया था फिर उसके साथ रेप किया
गवाही के बहाने एक 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के साथ ही उससे डराया और धमकाया भी.
लड़की दर्द से चीखती चिल्लाती रही पर उसकी कोई सुनने वाला नहीं था. अंतत: बेहोश हो जाने पर उसे पास के ही अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया. साथ ही उससे यह भी कहा कि अगर उसने यह बात किसी और को बताई तो उसके लिए अच्छा नहीं होगा

पीड़िता के मुताबिक, गांव के ही एक युवक ने आत्महत्या कर ली थी जिसकी गवाही देने के लिए पुलिस वाले ने उसे थाने ले गए पूछताछ के बहाने थानेदार भूपेंद्र राठी ने रात में उसे अपने कमरे में बुलाकर सुसाइड केस में फंसाने की धमकी देकर उसके साथ रेप जैसा घिनौना काम किया लड़की ने अपनी सारी आपबीती अपने पिता के साथ कानपुर आईजी आलोक सिंह को बताया

जहां एक ओर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने एंटी रोमियो स्क्वॉएड का गठन कर सूबे की महिलाओं को सुरक्षा का एहसास कराने का प्रयास किया, लेकिन यहां तो जिनके कन्धो पर आवाम की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी है, वही ऐसी वहशियाना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं ऐसे थानेदारों के कुकृत्य से पुलिस विभाग बदनाम होने के साथ ही लोगों का पुलिस प्रशासन से दिनोंदिन भरोसा उठता जा रहा है

सरकार को इस तरह की घटना के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर ये संदेश देना चाहिए कि इस तरह की घटनाओं के बाद आरोपी कोई भी हो सजा का सामना करना ही पड़ेगा

परन्तु दुर्भाग्य, सरकारें चाहे जो रही हों ऐसी घटनाओं के बाद फौरन ही एक विभागीय अधिकारियों की जाँच कमेटी बनाकर जांच सौंप दी जाती है उसके बाद कार्यवाही की खानापूरी और आरोपी फिर से जनता के बीच और इसके अलावा घटना के कुछ दिनों बाद वैसे ही मामला ठंडा हो जाता है और लोग उसे भूल जाते हैं l ऐसे लोगों को इस बात का भी फायदा मिलता है

यूपी पुलिस के एसओ पर नाबालिग से रेप का आरोप, मचा हड़कंप

कानपुर देहात स्थित रसूलाबाद थाने के एसओ पर नाबालिग लड़की ने थाने के अंदर ही रेप करने का आरोप लगाया है. मामला सामने आने के बाद पुलिस के अधिकारियों ने जांच के बाद पीड़ित लड़की को एसओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है. पीड़ित लड़की का आरोप है कि रेप के बाद उसकी हालत खराब हो गई तो एसओ ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया. मामला 07 जुलाई का है.

लड़की का आरोप है कि उसके गांव के कौशल किशोर ने सुसाइड किया था. इस मामले में गवाही देने के बहाने पुलिस वाले उसे घर से बुला ले गए थे. थाने लाकर रात में थानेदार भूपेंद्र राठी ने पूछताछ के बहाने उसे अपने कमरे में बुलाया. वहां उसे कौशल ने सुसाइड केस में फंसाने की धमकी दी औऱ उसके साथ रेप किया.

पीड़ित लड़की अपने पिता के साथ कानपुर आईजी आलोक सिंह को अपनी आपबीती बताने पहुंची.आईजी ने इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. मामले की जानकारी होने के बाद पूरे पुलिस महकमे में हडकंप मच गया |

बाराबंकी के डीएम अखिलेश तिवारी ने चीन को दिया कड़ा सन्देश की ये कार्यवाही पीमएम मोदी को सन्देश है ये एक्शन

डीके गोस्वामी,बाराबंकी : करीब यूपी में ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों और राज्यों के करीब हर जनपद में चीन की घुसपैठ जरबेरा फूल की है | इसी कड़ी में देश के सबसे बड़े सूबे यूपी के बाराबंकी जिले में चीन से आ रहे प्लास्टिक जरबेरा फूल पर डीएम ने प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। यह फूल किसानों की कमर तोड़ रहा है। मेहनत से उगाए गए जरबेरा फूल चीन के फूल के आगे नहीं बिक रहे हैं। बढ़ती चाइनीज फूलों की मांगों से मेहनतकश किसानों के आगे मायूसी छाई हुई है।

उत्तर प्रदेश में बाराबंकी ऐसा जिला हैं, जहां जरबेरा फूल की खेती सर्वाधिक होती है। यहां से उत्पादित फूल पूरे प्रदेश भर में सप्लाई होती है। जरबेरा का फूल में खास बात यह है कि यह एक सप्ताह तक नहीं सूखता है और खूबसूरत भी बहुत अधिक रहता है। यह फूल किसान शेडनेट हाउस में उगाते हैं। एक हजार वर्ग मीटर में 15 लाख का खर्च आता है। जिसमें केंद्र सरकार साढ़े सात लाख रुपये अनुदान के तौर पर देती है। एक हजार वर्ग मीटर में किसानों को प्रति वर्ष 6 से 7 लाख का शुद्ध मुनाफा होता था। इधर चीन से प्लास्टिक का बनावटी जरबेरा फूल बाजारों में आ चुका है। लोग अब प्राकृतिक फूल नहीं बल्कि चाइनीज फूल का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे किसानों को झटका लगा है। अब लागत भी नहीं निकल पा रही है। उधर प्रशासन भी किसानों के विपरित काम कर रहा है। होने वाले सभी सरकारी कार्यों में भी प्रशासन प्राकृतिक फूलों का नहीं बल्कि चीन में बने फूलों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इनसेट : जरबेरा खेती पर चाइनीज फूलों का ब्रेक

बाराबंकी : जिले के फूल की खेती करने वाले किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र देकर मांग की है कि चीन से आने वाले जरबेरा फूलों के आयात पर रोक लगाई जाए। प्रगतिशील किसान संदीप वर्मा बताते है कि जरबेरा की खेती कभी मुनाफा वाली होती थी लेकिन अब चाइनीज जरबेरा फूल ने ब्रेक लग दिया है। चीन से आने वाला फूल प्राकृतिक फूल जरबेरा की तरह ही है। इस फूल पर प्रतिबंध लगाया जाए।

इनसेट : डीएम ने की फूल उत्पादन की समीक्षा

बाराबंकी : डीएम ने ग्लैडियोलस, जरबेरा, गुलाब आदि के उत्पादन संबंधी समीक्षा की। जिसमें फूल के उत्पादन को बढ़ावा दिए जाने को लेकर डीएचओ को निर्देश दिया। जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं फूल उत्पादकों के साथ बैठक की। छोटा ट्रैक्टर यहां उपलब्ध है, किसान इसे खरीदे। जिला उद्यान अधिकारी ने एकीकृत बागवानी मिशन एवं राज्य औद्यानिक मिशन योजना पर विचार व्यक्त किए।

विडिओ : गाजीपुर में इस डाल्फिन मछली की सच्चाई जानकर आप रह जायेंगे हैरान-और बाराबंकी में हो रहा यूपी का सबसे बड़ा महरूद्र यज्ञ


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गाजीपुर। कभी गंगा मईया की शान डालफिन मछली जो हरिद्वार से लेकर कलकत्‍ता तक एकछत्र राज करती थी। वर्षेा बाद आज बाढ़ के पानी में बहते हुए रजागंज स्थित हमीद सेतु के नीचे मरी हुई मिली। डालफिन मछली के मरने की खबर मिलते ही वहां लोगों की काफी संख्‍या में भीड़ इकट्ठा हो गया। डालफिन मछली के मरने की सूचना पर सहायक वन अधिकारी रविंद्र चंद्र श्रीवास्‍तव ने मातहतों को निर्देश दिया कि मौके पर जाकर मछली को कब्‍जे में लेकर उसे गड्ढे में दफना दिया जाये।

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छेड़खानी के आरोपी का पुलिस थाना में मुंडवाया सिर

शामली की कांधला पुलिस ने छेड़छाड़ के एक आरोपी को तालिबानी सजा दी है..जहा आरोपी युवक पर युवती से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था..जिसे कांधला पुलिस छेड़छाड़ के आरोप मे गिरफ्तार कर थाने ले आयी थी..आरोपी युवक को थाने लाकर पहले तो गांजा कराया..और बाद मे आरोपी युवक को जेल भेज दिया..जिसका थाना परिसर मे युवक को गांजा कराते हुए वीडियो वायरल कर दिया…एक बार फिर शामली पुलिस के इस अजीबो गरीब तरीके ने यूपी पुलिस को शर्मिंदा किया है…जब इस पुरे मामले मे ईटीवी ने एसपी शामली से बात करनी चाही तो एसपी शामली ने उक्त पुलिसकर्मियो के खिलाफ जांच की बात कही है…हालांकि अभी तक किसी भी पुलिसकर्मी पर कोई कार्यवाही नही हुई

Vedio : योगीराज में रिपोर्टिंग कर रहे इंडिया टीवी के रिपोर्टर पर लखनऊ में जानलेवा हमला

प्रभु की रेल में घटिया खाने से लेकर सेक्स रैकेट से बदतर-

लखनऊ ।। लखनऊ में दो दिन में पत्रकारों पर हमले की दूसरी बड़ी वारदात शुक्रवार को हो गई। इंडिया टीवी का रिपोर्टर विशाल सिंह को ट्रेन की पैंटी कार के कर्मचारियों ने मारकर घायल कर दिया। कैमरामैन को भी काफी चोटें आई हैं। एक दिन पहले ही 4पीएम अखबार के दफ्तर पर बदमाशों ने हमला कर कई पत्रकारों के साथ मारपीट की थी।

जानकारी के मुताबिक, इंडिया टीवी के पत्रकार विशाल सिंह चारबाग़ में नीलांचल एक्सप्रेस में रिपोर्टिंग कर रहे थे। खाने में मिलावट और गड़बड़ियों का जायजा लेने के लिए वह जैसे ही ट्रेन की पैंटीकार में घुसे बदमाश कर्मचारियों ने हमला कर दिया। वेंडरों ने मिलकर रिपोर्टर और कैमरामैन दोनों के साथ मारपीटी की।

आरोप है कि पैंटीकार में घटिया खाना बन रहा था। जब वेंडरों ने देखा कि इसकी वीडियो बन रही है, तो उन्होंने धारदार हथियार से हमला कर दिया।

Vedio : BJP विधायक सौरभ श्रीवास्तव के आवास पर युवती से गैंगरेप का प्रयास विधायक के गनर व नौकर गिरफ्तार

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार एक ओर कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा की बात कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ लखनऊ के सबसे सुरक्षित स्थानों में गिने जाने वाले बटलर पैलेस ((Butler Palace) में विधायक के आवास पर ही युवती से गैंगरेप के प्रयास का मामला सामने आया है।

गैंगरेप का प्रयास करने वाले वाराणसी कैंट से बीजेपी विधायक सौरभ श्रीवास्तव के गनर और नौकर हैं। हजरतगंज पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एएसपी सर्वेश कुमार ने बताया कि 18 वर्षीय पीड़िता अपने परिवार के साथ बटलर पैलेस कॉलोनी में ही रहती है। युवती बर्तन-चौका करने का काम करती है।

शुक्रवार देर रात करीब तीन बजे विधायक सौरभ श्रीवास्त के गनर मनोज और नौकर सोहनलाल ने युवती को बहाने से बुलाया। दरअसल युवती के भाई पर गौतपल्ली थाने में एक मुकदमा दर्ज है। उसे छुड़ाने के नाम पर दोनों ने युवती को विधायक आवास पर बुलाया। इसके बाद भाई को छुड़ाने के लिए 10 हजर रुपये मांगे। युवती ने इतने पैसे न होने की बात कहीं। इसके बाद दोनों आरोपियों ने युवती से गैंगरेप करने की कोशिश की। लेकिन युवती ने चिल्लाना शुरु कर दिया। बेटी की आवाज सुनकर परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। इसके बाद किसी तरह बचकर वह घर पहुंची। सुबह पीड़िता थाने हजरतगंज थाने में पहुंचकर दोनों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने गनर और नौकर पर दुष्कर्म के प्रयास और छेड़खानी सहित आईपीसी की अन्य धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

हजरतगंज के बटलर पैलेस कॉलोनी में बीजेपी विधायक सौरभ श्रीवास्त का आवास है। इसी कॉलोनी में कई मंत्रियों, विधायकों और आईएएस अधिकारियों के आवास भी हैं। लेकिन यहीं पर विधायक के गनर मनोज कुमार और नौकर सोहनलाल साजिश ने वीआईपी क्षेत्र की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय पर पीड़िता का परिवार नहीं आता तो उसके साथ यह आरोपी घिनौनी वारदात को अंजाम देने में कामयाब हो जाते।