बाराबंकी के डीएम अखिलेश तिवारी ने चीन को दिया कड़ा सन्देश की ये कार्यवाही पीमएम मोदी को सन्देश है ये एक्शन

डीके गोस्वामी,बाराबंकी : करीब यूपी में ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों और राज्यों के करीब हर जनपद में चीन की घुसपैठ जरबेरा फूल की है | इसी कड़ी में देश के सबसे बड़े सूबे यूपी के बाराबंकी जिले में चीन से आ रहे प्लास्टिक जरबेरा फूल पर डीएम ने प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। यह फूल किसानों की कमर तोड़ रहा है। मेहनत से उगाए गए जरबेरा फूल चीन के फूल के आगे नहीं बिक रहे हैं। बढ़ती चाइनीज फूलों की मांगों से मेहनतकश किसानों के आगे मायूसी छाई हुई है।

उत्तर प्रदेश में बाराबंकी ऐसा जिला हैं, जहां जरबेरा फूल की खेती सर्वाधिक होती है। यहां से उत्पादित फूल पूरे प्रदेश भर में सप्लाई होती है। जरबेरा का फूल में खास बात यह है कि यह एक सप्ताह तक नहीं सूखता है और खूबसूरत भी बहुत अधिक रहता है। यह फूल किसान शेडनेट हाउस में उगाते हैं। एक हजार वर्ग मीटर में 15 लाख का खर्च आता है। जिसमें केंद्र सरकार साढ़े सात लाख रुपये अनुदान के तौर पर देती है। एक हजार वर्ग मीटर में किसानों को प्रति वर्ष 6 से 7 लाख का शुद्ध मुनाफा होता था। इधर चीन से प्लास्टिक का बनावटी जरबेरा फूल बाजारों में आ चुका है। लोग अब प्राकृतिक फूल नहीं बल्कि चाइनीज फूल का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे किसानों को झटका लगा है। अब लागत भी नहीं निकल पा रही है। उधर प्रशासन भी किसानों के विपरित काम कर रहा है। होने वाले सभी सरकारी कार्यों में भी प्रशासन प्राकृतिक फूलों का नहीं बल्कि चीन में बने फूलों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इनसेट : जरबेरा खेती पर चाइनीज फूलों का ब्रेक

बाराबंकी : जिले के फूल की खेती करने वाले किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र देकर मांग की है कि चीन से आने वाले जरबेरा फूलों के आयात पर रोक लगाई जाए। प्रगतिशील किसान संदीप वर्मा बताते है कि जरबेरा की खेती कभी मुनाफा वाली होती थी लेकिन अब चाइनीज जरबेरा फूल ने ब्रेक लग दिया है। चीन से आने वाला फूल प्राकृतिक फूल जरबेरा की तरह ही है। इस फूल पर प्रतिबंध लगाया जाए।

इनसेट : डीएम ने की फूल उत्पादन की समीक्षा

बाराबंकी : डीएम ने ग्लैडियोलस, जरबेरा, गुलाब आदि के उत्पादन संबंधी समीक्षा की। जिसमें फूल के उत्पादन को बढ़ावा दिए जाने को लेकर डीएचओ को निर्देश दिया। जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं फूल उत्पादकों के साथ बैठक की। छोटा ट्रैक्टर यहां उपलब्ध है, किसान इसे खरीदे। जिला उद्यान अधिकारी ने एकीकृत बागवानी मिशन एवं राज्य औद्यानिक मिशन योजना पर विचार व्यक्त किए।

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